समय - KAVITA RAWAT

Thursday, September 10, 2009

समय

पंख होते हैं समय के
पंख लगाकर उड़ जाता है
पर छाया पीछे छोड़ जाता है
भरोसा नहीं समय का
न कुछ बोलता न दुआ सलाम करता है
सबको अपने आगे झुकाकर
चमत्कार दिखाता है
बड़ा सयाना है समय
हर गुथी यही सुलझाता है
बात मानो समय की
हर घाव पर मरहम यही लगाता है
सर्वोत्तम चिकित्सक भी यही है
मगर हर शक्ल भी बिगाड़ देता है
यह ऐसा ऋण है
जिसे कोई नहीं चुका पाता है
समय नहीं झुकता किसी के आगे
आगे इसके सबको झुकना पड़ता है
ये दुनिया समझो साथ उसी की
जो समय देखकर चलता है

Copyright @Kavita Rawat, Bhopal,2009

6 comments:

  1. हर घाव पर मरहम यही लगाता है
    सर्वोत्तम चिकित्सक भी यही है ekdam sahee baat jindagee ko jeetee rachanae hai aapakee .

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  2. कल 15/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  3. समय ही खिलाड़ी है. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  4. सच कहा आपने वक़्त से बढ़ा कोई मरहम नहीं है /यथार्थ को बताती हुई शानदार अभिब्यक्ति /बधाई आपको /
    ब्लोगर्स मीट वीकली (४)के मंच पर आपका स्वागत है आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आभार/ इसका लिंक हैhttp://hbfint.blogspot.com/2011/08/4-happy-independence-day-india.htmlधन्यवाद /

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  5. BILKUL SAHI..SAMAY BADA BALWAN HOTA HAI.....

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