समय

पंख होते हैं समय के
पंख लगाकर उड़ जाता है
पर छाया पीछे छोड़ जाता है
भरोसा नहीं समय का
न कुछ बोलता न दुआ सलाम करता है
सबको अपने आगे झुकाकर
चमत्कार दिखाता है
बड़ा सयाना है समय
हर गुथी यही सुलझाता है
बात मानो समय की
हर घाव पर मरहम यही लगाता है
सर्वोत्तम चिकित्सक भी यही है
मगर हर शक्ल भी बिगाड़ देता है
यह ऐसा ऋण है
जिसे कोई नहीं चुका पाता है
समय नहीं झुकता किसी के आगे
आगे इसके सबको झुकना पड़ता है
ये दुनिया समझो साथ उसी की
जो समय देखकर चलता है

Copyright @Kavita Rawat, Bhopal,2009

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September 25, 2009 at 8:57 PM

हर घाव पर मरहम यही लगाता है
सर्वोत्तम चिकित्सक भी यही है ekdam sahee baat jindagee ko jeetee rachanae hai aapakee .

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August 14, 2011 at 1:01 PM

कल 15/08/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

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August 15, 2011 at 8:08 AM

समय ही खिलाड़ी है. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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August 16, 2011 at 2:06 PM

सच कहा आपने वक़्त से बढ़ा कोई मरहम नहीं है /यथार्थ को बताती हुई शानदार अभिब्यक्ति /बधाई आपको /
ब्लोगर्स मीट वीकली (४)के मंच पर आपका स्वागत है आइये और अपने विचारों से हमें अवगत कराइये/आभार/ इसका लिंक हैhttp://hbfint.blogspot.com/2011/08/4-happy-independence-day-india.htmlधन्यवाद /

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Anonymous
November 19, 2012 at 10:14 AM

BILKUL SAHI..SAMAY BADA BALWAN HOTA HAI.....

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