वक्त बदलेगा जरुर


मेहनत करना बहुत अच्छी बात है और अपनी- अपनी जगह सभी मेहनत करते हैं लेकिन उसका फल किसको कितना मिले, यह सब भाग्य पर निर्भर करता है. कर्म के साथ यदि भाग्य जुड जाता है तो मन मुताबिक फल मिल ही जाता है लेकिन यदि भाग्य विमुख हो तो आशातीत सफलता नहीं मिलती. कई लोगों की किस्मत में खूब मेहनत करना ही लिखा रहता है और वे मेहनत करते रहते हैं इसी आशा में कि कभी न कभी तो उनका भी वक्त आएगा, उनकी भी अपनी सुबह होगी .........

सुबह घर से निकलती हूँ उम्मीदों के पर लगाकर
शाम को गुम सी हो जाती हूँ दिनभर के अंधियारों में
रात को खो जाती हूँ जिंदगी के सुनहरे सपनों में
दिनभर भटकती फिरती हूँ धुंधभरी गलियारों में
न कहीं दिल को सुकूँ मिलता और न दिखता आराम
पता नहीं कब हो जाती सुबह कब ढल जाती शाम
वक्त बदलेगा जरुर हर शख्स मुझसे यही कहता है
पर वह वक्त आएगा कब यह सपना सा दिखता है

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December 19, 2009 at 7:36 PM

हर शब्‍द में गहराई, बहुत ही बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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December 19, 2009 at 8:39 PM

sukh kee neend to mehnat karane walo ko hee naseeb hai jee .all the best.

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December 19, 2009 at 9:12 PM

वक्त बदलेगा जरुर हर शख्स मुझसे यही कहता है
और वक़्त सदा एक सा नहीं रहता, इसका पहिया घुमता रहता है..बदलता है, अपनत्व जी की बातों से एकमत हूं ।

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December 22, 2009 at 1:02 AM

सुबह घर से निकलती हूँ उम्मीदों के पर लगाकर
शाम को गुम सी हो जाती हूँ दिनभर के अंधियारों में
रात को खो जाती हूँ जिंदगी के सुनहरे सपनों में
दिनभर भटकती फिरती हूँ धुंधभरी गलियारों में
न कहीं दिल को सुकूँ मिलता और न दिखता आराम
पता नहीं कब हो जाती सुबह कब ढल जाती शाम
वक्त बदलेगा जरुर हर शख्स मुझसे यही कहता है
पर वह वक्त आएगा कब यह सपना सा दिखता है
bhagya aur karm par aapke vichar padhkar achchha laga

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December 22, 2009 at 1:03 AM

सुबह घर से निकलती हूँ उम्मीदों के पर लगाकर
शाम को गुम सी हो जाती हूँ दिनभर के अंधियारों में
रात को खो जाती हूँ जिंदगी के सुनहरे सपनों में
दिनभर भटकती फिरती हूँ धुंधभरी गलियारों में
न कहीं दिल को सुकूँ मिलता और न दिखता आराम
पता नहीं कब हो जाती सुबह कब ढल जाती शाम
वक्त बदलेगा जरुर हर शख्स मुझसे यही कहता है
पर वह वक्त आएगा कब यह सपना सा दिखता है

ITS LOVELY..BADHAI..
@AJIT

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December 22, 2009 at 8:42 PM

मन को छूती रचना.

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December 29, 2009 at 9:34 PM

"वक्त बदलेगा जरुर हर शख्स मुझसे यही कहता है"
सच के बेहद करीब, अति सुंदर.
- राकेश कौशिक

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February 12, 2010 at 4:14 PM

kitni umeed hai rachna me to waqt ko to badlna hoga..

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September 17, 2011 at 5:58 AM

शनिवार १७-९-११ को आपकी पोस्ट नयी-पुरानी हलचल पर है |कृपया पधार कर अपने सुविचार ज़रूर दें ...!!आभार.

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September 17, 2011 at 11:38 AM

भावमय करते शब्‍दों के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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September 17, 2011 at 3:11 PM

आशान्वित करती सुन्दर प्रस्तुति

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September 18, 2011 at 1:12 PM

वक़्त बदलेगा जरुर...
अच्छी प्रस्तुति...
सादर...

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December 29, 2011 at 12:47 PM

भावमय करते शब्‍दों के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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September 5, 2013 at 1:56 PM

aap jaisa dost pakar mai dhanya ho gaya.......

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September 7, 2014 at 5:31 PM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (08-09-2014) को "उसके बग़ैर कितने ज़माने गुज़र गए" (चर्चा मंच 1730) पर भी होगी।
--
चर्चा मंच के सभी पाठकों को
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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September 8, 2014 at 11:11 AM

आशा से आकाश थमा है ,....... सकारात्मक सोच !
जन्नत में जल प्रलय !

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