श्रीराम के आदर्श शाश्वत और मूल्य कालजयी हैं


मनुष्य की श्रेष्ठता उसके शील, विवेक, दया, दान, परोपकार धर्मादि सदगुणों के कारण होती है. इसलिये जीवन का मात्र पावन ध्येय "बहुजन हिताय बहुजन सुखाय" होता है. मानव की कीर्ति उनके श्रेष्ठ गुणों और आदर्श के कार्यान्वयन एवं उद्देश्य के सफल होने पर समाज में स्वतः प्रस्फुटित होती है जैसे- मकरंद सुवासित सुमनों की सुरभि! मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सा लोकरंजक राजा कीर्तिशाली होकर जनपूजित होता है, जबकि परनारी अपहर्ता, साधु-संतों को पीड़ित करने वाला वेद शास्त्रज्ञाता रावण सा प्रतापी नरेश अपकीर्ति पाकर लोकनिन्दित बनता है. इसी प्रसंग में कहा गया है-

"रामवत वर्तितव्यं न रावणदिव" अर्थात राम के समान आचरण करो, रावण के समान नहीं.

श्रीराम का त्रेतायुग में दिया गया भावी शासकों के प्रति सन्देश आज भी कितना सार्थक है-
"भूयो भूयो भाविनो भूमिपाला: नत्वान्नत्वा याच्तेरारामचंद्र
सामान्योग्य्म धर्म सेतुर्नराणा काले-काले पालनियों भवदभि:"

अर्थात हे! भारत के भावी पालो! मैं तुमसे अपने उत्तराधिकार के रूप में यही चाहता हूँ की वेदशास्त्रों के सिंद्धांतों की रक्षा हेतु जिस मर्यादा को मैंने स्थापित किया उसका तुम निरंतर पालन करना. वस्तुत: नीतिभ्रष्टता के समकालीन बवंडर में समाज को स्वामित्व प्रदान करने के लिए सनातन धर्म के चिरंतन आदर्शों के प्रतीक श्रीराम के चरित्र से ही प्रेरणा प्राप्त करना चाहिए क्योंकि श्रीराम के आदर्श शाश्वत हैं उनके जीवन मूल्य कालजयी होने के कारण आज भी प्रासंगिक हैं.

-कविता रावत

9 comments :

  1. saamyik post. bahut pasand aaee .

    ReplyDelete
  2. kavita ki kavita jiske man me hai kalpnayo ki saita . mla ye bhav tumahra jag me ho ujiyara
    keshav goyal shivpuri m.p. mob 09907658863

    ReplyDelete
  3. kavita ki kavita jiske man me hai kalpnayo ki sarita . mla ye bhav tumahra jag me ho ujiyara
    keshav goyal shivpuri m.p. mob 09907658863

    ReplyDelete
  4. राम जी को याद कर अच्छा किया आपने । शुभकामनायें ।
    शहीद भगत सिंह पर एक रपट यहाँ भी देखें
    http://sharadakokas.blogspot.com

    ReplyDelete
  5. बेहतरीन पोस्टों में से एक ,राम नवमी की शुभ कामनाएं.

    ReplyDelete
  6. बेहतरीन अभिव्यक्ति बहुत गहरी बातें

    ReplyDelete
  7. meree 2,3 post andekhee ho gayee aisa kabhee hota nahee hai.....
    march kee vajah se vyast ho shayad..........
    exams bhee chal rahe hai........... shubhkamnae......

    ReplyDelete

Copyright © KAVITA RAWAT. Made with by OddThemes . Distributed by Weblyb