ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें

अँधियारा मिटाने आया दीपपर्व
आओ मिलकर पूजा थाल सजायें
फैले उजियारा हर घर आँगन
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली
मुरझाये चेहरों पर खुशियाँ लायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

ऊँच-नीच, जात-पात खाई पाटकर
सदभाव, समभाव प्रकाश फैलायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

न हो कोई अपने घर में बेघर
बड़े-बुजुर्गों से न रहे कोई बेखबर
रखे ख्याल कोई दिल न दु:खायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

कर अहंकार, प्रपंच, स्वार्थ दमन
फिर रामराज सा करें नव-सृजन
मिटा अनाचार,भ्रष्टता, निकृष्टता
सर्वहित संकल्प दीपोत्सव मनायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

सबको दीपपर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ
                        ..कविता रावत


SHARE THIS

Author:

Previous Post
Next Post
November 4, 2010 at 11:20 AM

आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ...

Reply
avatar
November 4, 2010 at 11:22 AM

उंच-नीच की खाई पाटकर
जात-पात का बंधन मिटाकर
सदभाव संभव प्रकाश फैलाएं ..
वाह ..
बहुत अच्छा सन्देश देती शुभकामना...
आपको और आपके परिवार को दिवाली की शुभकामनाएं ....
मेरे ब्लॉग पर इस बार संगीता जी की रचना..
सुनहरी यादें :-३ ...

Reply
avatar
November 4, 2010 at 1:09 PM

दिपावली की हार्दिक शुभकामना !

Reply
avatar
November 4, 2010 at 1:19 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं!!!

Reply
avatar
November 4, 2010 at 1:38 PM

deepawali ki jagmag karti hui subhkamnayen.......:)

Reply
avatar
November 4, 2010 at 2:17 PM

सुन्दर!
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामना!

Reply
avatar
November 4, 2010 at 2:19 PM

दीपावली पर बेहतरीन तरीके से सजी हुई पोस्ट.....दीपावली के शुभ अवसर पर आपको भी सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें

Reply
avatar
November 4, 2010 at 2:46 PM

Bahut sundar bhavnayen ...aap ko saparivar Deepawali ki haardik shubh kaamnayen..

Reply
avatar
November 4, 2010 at 4:56 PM

आपको और आपके परिवार को दीपावली की ढेरों शुभकामनायें !

Reply
avatar
November 4, 2010 at 6:20 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें कविता जी !!

Reply
avatar
November 4, 2010 at 6:31 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये.

Reply
avatar
November 4, 2010 at 6:48 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

Reply
avatar
November 4, 2010 at 7:15 PM This comment has been removed by the author.
avatar
November 4, 2010 at 7:16 PM

मोती सा त्यौहार दिवाली
ज्योति का त्यौहार दिवाली

दीप जलें ,जगमग जगमग
रोशन हर घर में खुशहाली

यही कामना सच हों सपने
रहे न कोई पुलाव ख्याली

चकाचौंध में, भूल न जाना
कुछ रातें हैं, अब भी काली

खाएं छककर आप मिठाई
याद करें, उत्साही भोपाली
0राजेश उत्साही

Reply
avatar
November 4, 2010 at 7:39 PM

Aapko Deepavali ki hardik subhkamnai.

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:12 PM

कविता जी...आपको भी इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ!मिटे दुःखों का अंधेरा औरफैले खुशियों की उजियाली!! शुभ दीपावली!!!

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:17 PM

आपको को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:20 PM

बहुत सुंदर सन्देश देती रचना साझा की..... आभार ..... दिवाली की शुभकामनायें आपको भी

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:34 PM

पूरे परिवार को मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें इस पावन पर्व की !

धन्यवाद !

राम त्यागी

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:42 PM

कविता जी
इस रचना के माध्यम से आपने सुंदर सन्देश देने का प्रयास किया है ,
दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें .

Reply
avatar
November 4, 2010 at 9:48 PM

बहुत सुन्दर सार्थक सन्देश देती रचना के लिये बधाई। आपको व परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

Reply
avatar
November 4, 2010 at 10:47 PM

सामाजिक सरोकार को उजागर करती एक प्रेरक कविता!!दीवाली की शुभकामनाएँ!!

Reply
avatar
November 4, 2010 at 11:08 PM

भावपूर्ण कविता........... रामराज की कल्पना अच्छी है........ काश! ऐसा हो पाता.

Reply
avatar
November 5, 2010 at 2:10 AM

आपको भी दीपवाली की हार्दिक शुभकानाएं.....सादर

Reply
avatar
November 5, 2010 at 9:12 AM

आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को दीपावली पर्व की ढेरों मंगलकामनाएँ!

Reply
avatar
November 5, 2010 at 9:44 AM

प्रदूषण मुक्त दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

Reply
avatar
November 5, 2010 at 11:36 AM

deepostav par achhi kalpana,
leking kya sirf kalpana aur meethe shabd hi kaafi hai sansar ko sundar banane ke liye ya hume kuch aur bhi karna chahiye es aarthik aur jaatiwaad ko mitane ke liye jiske aaj khud hum bhi bhaagidar hai ?????

Deepawali ki shubhkamnao sahit

Prabhat

Reply
avatar
November 5, 2010 at 12:25 PM

आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ

Reply
avatar
November 5, 2010 at 3:49 PM

यश वैभव सम्मान में,करे निरंतर वृद्धि.
दीवाली का पर्व ये,लाये सुख - समृद्धि.
आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

Reply
avatar
November 5, 2010 at 3:57 PM

हवाओ के हाथ अरमान भेजा हे ,
नेटवर्क के जरिये पैगाम भेजा हे ,
फुर्सत मिले तो कबूल करना ,
रियासत -ऐ - छोटी - खाटू के शहजादे ने दीपावली का सलाम भेजा हे .

Reply
avatar
November 5, 2010 at 4:18 PM

चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
सादर,
मनोज कुमार

Reply
avatar
November 5, 2010 at 5:35 PM

आपको व आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें. .....

Reply
avatar
November 5, 2010 at 7:40 PM

दीपावली की असीम-अनन्त शुभकामनायें.

Reply
avatar
November 6, 2010 at 11:24 AM

aapne deepawaii kee badhaaee ke sath sath jo sandesh diye hain ... we bahut hee mahtwpoorn hain.... दीप जलें/हर घर में/सितारों सी/ जगमगाए धरती
मिले अनुकम्पा/माँ लक्ष्मी की/ पूर्ण हो मुरादें/ हम सबकी |

Reply
avatar
November 7, 2010 at 12:23 PM

दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ... ...

Reply
avatar
November 7, 2010 at 8:13 PM

आपको और आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें !

Reply
avatar
November 7, 2010 at 8:39 PM

kavita ji bahut hi sundar v prabhav-shali prastuti.
aapki kavita bhai chaare ke sndesh ke saath
bahut kuchh kahti hai.
उंच-नीच की खाई पाटकर
जात-पात का बंधन मिटाकर
सदभाव संभव प्रकाश फैलाएं
bahut hi umda
poonam

Reply
avatar
November 7, 2010 at 8:42 PM

Aap jahan bhi rahen abad rahen,
vaibhav sukh- shanti sath rahe,
Punit hriday se kahata hun,
Jag ki khushiyan pas rahen.
Special thanks for emotionalpost on your blog

Reply
avatar
November 7, 2010 at 9:17 PM

कविता जी ,
पढने में .. काफी मशक्कत करनी पड़ी पर आखिर कामयाबी मिल ही गई ....
तो चलिए मिल कर दीप जलाएं ....
शुभकामनाएं .....

Reply
avatar
November 8, 2010 at 1:50 PM

न हो कोई अपने घर में बेघर
बड़े-बुजुर्गों से न रहे कोई बेखबर
रखे ख्याल कोई दिल न दु:खायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें ...

बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना है ... दीपों के त्यौहार की बहुत बहुत मंगल कामनाएं ....

Reply
avatar
November 8, 2010 at 7:55 PM

5/10

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली ...
...ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!

सुन्दर सन्देश देती भावपूर्ण कविता

Reply
avatar
November 9, 2010 at 4:55 PM

कर अहंकार, प्रपंच, स्वार्थ दमन
फिर रामराज सा करें नव-सृजन
मिटा अनाचार,भ्रष्टता, निकृष्टता
सर्वहित संकल्प दीपोत्सव मनायें

ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!
....सुन्दर सन्देश देती भावपूर्ण कविता ...शुभकामनाएं .....

Reply
avatar
November 10, 2010 at 1:07 PM

गाँव-शहर में फैले खुशहाली
दु:खिया के घर भी मने दीवाली
मुरझाये चेहरों पर खुशियाँ लायें
ऐसा मिलकर कोई दीप जलायें!
..बहुत सुन्दर सन्देश देती रचना है ... दीपों के त्यौहार की बहुत बहुत मंगल कामनाएं ..

Reply
avatar
November 10, 2010 at 4:18 PM

बहुत ही सुन्‍दर शब्‍द रचना ...भावमय प्रस्‍तु‍ति
प्रकाश पर्व की शुभकामनायें ।

Reply
avatar
November 10, 2010 at 6:39 PM

कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैंने आपका संदेश देर से पढ़ा क्योंकि जिन मूल्यों की बात आपने की है,वे शाश्वत हैं।

Reply
avatar
November 11, 2010 at 6:11 PM

दीपावली पर इस जगमग करते दीप सरीखे गीत के लिए बधाई....

नीरज

Reply
avatar
November 13, 2010 at 10:45 AM

वाह कविता जी क्या लिखती है आप, हम तो आपकी कविता को देखते ही रह गए |
एक बात बताये , मेरी बात का बुरा नहीं मानना , आपका प्रोफ़ेस्सिओनल क्या है |
क्या आप कवि है ||||||||
खैर जो भी हो मगर लिख्तेव बहुत अच्छे हो |||||
कोई कविता अपने उत्तराखंड पर भी लिखा करो हमे अच्छा लगेगा ||||||



आपका दोस्त
चौहान .................

Reply
avatar
November 13, 2010 at 10:47 AM

और आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक सुभकामनाएँ

Reply
avatar
December 15, 2010 at 9:14 AM

nice blog mam...........

Reply
avatar