दीप बन जग में उजियारा फैलाएं....


दीपावली की गहन अंधियारी रात्रि में
जब हरतरफ पटाखों के शोरगुल
और धुएं से उपजे प्रदूषण के बीच
अन्धकार को मिटाने को उद्धत
छोटे से टिमटिमाते दीप को
निर्विकार भाव से निरंतर
जलते देखती हूँ
तो भावुक मन सोचने लगता है कि
जीवन भर आलोक बिखेर कर
दूसरों का पथ प्रदर्शन करने वाला
मानव को समभाव का पाठ पढाता
यह नन्हा सा दीपक किस तरह
अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है
जो हम जीवन भर नहीं समझ पाते
तभी तो वह अपनी जीवन की
मूल्यवान घड़ियों को व्यर्थ नहीं गवांता
प्राणयुक्त तेल चुक जाने के बाद भी
अपनी आखिरी दम तक जलकर
मंद-मंद प्रकाश बिखेरना नहीं छोड़ता
सूरज के निरंतर चलते रहने के व्रत को
अंधियारी रात्रि में निरंतर जलकर
प्रकाश के क्रम को टूटने नहीं देता है
इस भौतिक जगत में जो भी आया
वह एक न एक दिन जाएगा जरुर
यह तथ्य वह हमसे पहले जान लेता है
क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं

सबको दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनाओं सहित..
                                        ..कविता रावत 

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October 24, 2011 at 9:02 AM

दीये की लौ की भाँति
करें हर मुसीबत का सामना
खुश रहकर खुशी बिखेरें
यही है मेरी शुभकामना।

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October 24, 2011 at 9:21 AM

आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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October 24, 2011 at 9:28 AM

diwali ki shubkamnaye aapko or aapke pariwaar ko

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October 24, 2011 at 9:35 AM

इस भौतिक जगत में जो भी आया
वह एक न एक दिन जाएगा जरुर
यह तथ्य वह हमसे पहले जान लेता है
क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है आपकी कविता जी.
सद् प्रेरणा देती हुई.
सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

धनतेरस व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर भी आईयेगा.

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October 24, 2011 at 9:38 AM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें

बहुत सुंदर ....हार्दिक शुभकामनायें आपको भी.....

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October 24, 2011 at 10:11 AM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ... दीपावली की शुभकामनाएँ

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October 24, 2011 at 10:31 AM

आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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October 24, 2011 at 11:05 AM

बहुत प्रभावी... सार्थक चिंतन....
आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर शुभकामनाएं....

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October 24, 2011 at 11:12 AM

सुंदर और सार्थक सोच के लिए बधाई ...
दिवाली की शुभकामनाएँ!

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October 24, 2011 at 11:34 AM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

कल 25/10/2011 को आपकी कोई पोस्ट!
नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद

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October 24, 2011 at 11:56 AM

बहुत सुन्दर प्रस्तुती....
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

दीपवली पर गिफ्ट कार्ड बनाये माइक्रोसोफ्ट पेंट से

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October 24, 2011 at 11:58 AM

अंधकार के साम्राज्य पर प्रहार करते ये दीपक, ज्ञान और प्रकाश को प्रसारित करते हैं

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October 24, 2011 at 12:03 PM

बहुत ही बढि़या ...दीपोत्‍सव की शुभकामनाओं के साथ बधाई ।

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October 24, 2011 at 12:27 PM

प्रभावशाली प्रस्तुति ...

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October 24, 2011 at 12:58 PM

सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार...
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ...

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October 24, 2011 at 1:03 PM

kyo na chhote-chhote kadmo se....sarthak aur ummidon se bhara lekh|
prakash parv ki shubhkamnayen..

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October 24, 2011 at 2:07 PM

दीवाली की ढेरों शुभकामनायें।

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October 24, 2011 at 2:50 PM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं

,,,,,
सद् प्रेरणा देती हुई.
सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ...

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RAJ
October 24, 2011 at 2:54 PM

अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है
जो हम जीवन भर नहीं समझ पाते
तभी तो वह अपनी जीवन की
मूल्यवान घड़ियों को व्यर्थ नहीं गवांता
...जीवन का सार्थक सन्देश देती सुन्दर रचना.
दीपोत्‍सव की शुभकामनाएँ...

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October 24, 2011 at 2:59 PM

अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं
बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...
धनतेरस व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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October 24, 2011 at 4:08 PM

अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं
बहुत सुन्दर
दीपमालिका पर्व की हार्दिक बधाई

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October 24, 2011 at 4:20 PM

सुंदर भावों से सजी रचना. आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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October 24, 2011 at 5:35 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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October 24, 2011 at 5:37 PM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं ... आमीन
दिवाली की शुभकामनायें

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October 24, 2011 at 5:42 PM

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .....
दीपावली की शुभकामनायें

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October 24, 2011 at 5:47 PM

saarthak,sakaartmak aur bhaawpoorna rachna,badhai!

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October 24, 2011 at 5:52 PM

सुन्दर प्रस्तुति
आपको और आपके प्रियजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें….!

संजय भास्कर
आदत....मुस्कुराने की
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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October 24, 2011 at 5:55 PM

कल के चर्चा मंच पर, लिंको की है धूम।
अपने चिट्ठे के लिए, उपवन में लो घूम।।
--
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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October 24, 2011 at 6:19 PM

मंद-मंद प्रकाश बिखेरना नहीं छोड़ता
सूरज के निरंतर चलते रहने के व्रत को
अंधियारी रात्रि में निरंतर जलकर
प्रकाश के क्रम को टूटने नहीं देता है

सुन्दर दीप का प्रेरणादायक सन्देश
आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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October 24, 2011 at 6:24 PM

ओजमय प्रस्तुति
आपको धनतेरस और दीपावली की हार्दिक दिल से शुभकामनाएं
MADHUR VAANI
MITRA-MADHUR
BINDAAS_BAATEN

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October 24, 2011 at 7:19 PM

यह नन्हा सा दीपक किस तरह
अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है
बहुत सुन्दर ... दीपक के सन्देश का प्रकाशन
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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October 24, 2011 at 8:26 PM

सुन्दर प्रस्तुति, शुभ सन्देश.. आपके जीवन में भी यह दीप-पर्व उजियारा लाये!

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October 24, 2011 at 9:02 PM

यह नन्हा सा दीपक किस तरह
अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है... बहुत सुन्दर प्रस्तुति ... दीपावली की शुभकामनाएँ...

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October 24, 2011 at 9:55 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

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October 24, 2011 at 9:59 PM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें

उत्तम ख्यालात ....

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं...!!

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October 24, 2011 at 10:57 PM

सामयिक,सुंदर प्रस्तुती 'दीप बन जग में उजियारा फैलाये,बधाई....
दीपावली की हार्दिक शुभ्कामनाये.....

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October 24, 2011 at 11:25 PM

उत्तम सोच, ग्राह्य सन्देश.
दीपपर्व की हार्दिक शुभकामनाओं सहित...

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October 25, 2011 at 12:06 AM

बहुत अच्‍छी सोंच .. आपको दीपावली की शुभकामनाएं !!

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October 25, 2011 at 12:07 AM

कविता जी,
नमस्कार,
आप के लिए "दिवाली मुबारक" का एक सन्देश अलग तरीके से "टिप्स हिंदी में" ब्लॉग पर तिथि 26 अक्टूबर 2011 को सुबह के ठीक 8.00 बजे प्रकट होगा | इस पेज का टाइटल "आप सब को "टिप्स हिंदी में ब्लॉग की तरफ दीवाली के पावन अवसर पर शुबकामनाएं" होगा पर अपना सन्देश पाने के लिए आप के लिए एक बटन दिखाई देगा | आप उस बटन पर कलिक करेंगे तो आपके लिए सन्देश उभरेगा | आपसे गुजारिश है कि आप इस बधाई सन्देश को प्राप्त करने के लिए मेरे ब्लॉग पर जरूर दर्शन दें व अपने नाम के बटन को एक बार कलिक जरूर करें |
धन्यवाद |
विनीत नागपाल

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October 25, 2011 at 1:22 AM

सुंदर अभिव्‍यक्ति।
आपको और आपके परिवार को दीप पर्व की शुभकामनाएं....

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October 25, 2011 at 4:01 AM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं

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October 25, 2011 at 8:31 AM

बहुत सार्थक ,सटीक लिखा है देखो एक नन्हा सा दीप कितना महान है .

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October 25, 2011 at 10:10 AM

हमेशा की तरह एक और प्यारी सारगर्भित रचना, बधाई !
दीपावली पर आपको और परिवार को हार्दिक मंगल कामनाएं !
सादर !

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October 25, 2011 at 12:54 PM

दीपावली पर्व अवसर पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं

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October 25, 2011 at 1:52 PM

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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October 25, 2011 at 1:57 PM

दीपावली केशुभअवसर पर मेरी ओर से भी , कृपया , शुभकामनायें स्वीकार करें

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October 25, 2011 at 2:09 PM

gahan bhav wali rachna...deepawali ki hardik shubhkamnaen!

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October 25, 2011 at 2:13 PM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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October 25, 2011 at 6:40 PM

दीपावली की शुभकामनाये.....
आपका समर्थक बन रहा हूँ

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October 25, 2011 at 8:19 PM

दीप पर्व की अनंत मंगलकामनाएं !

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October 25, 2011 at 9:37 PM

बहुत सुन्दर एवं सटीक रचना !
आपको दीप पर्व दीपावली की शुभ कामनाएं !!

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October 25, 2011 at 10:13 PM

आपके पोस्ट पर आना बहुत अच्छा लगा । मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है । दीपावली की शुभकामनाएं ।

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October 26, 2011 at 1:15 AM

Bahut hi sundar rachna Kavita ji.. Aabhar..

Vishesh aabhar humare blog par pahunch kar utsahvardhan hetu, ummeed hai aapka utsaahvardhan milta rahega..

Happy Diwali..

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October 27, 2011 at 1:11 PM

आपको दीपावली,भाईदूज एवं नववर्ष की सपरिवार ढेरों शुभकामनाएं !

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October 28, 2011 at 12:45 PM

इस पोस्ट पर देर से आया हूँ , क्षमा चाहता हूँ. दीया, प्रतीक भी है, उदाहरण भी और मार्ग दर्शक भी . दिये के माध्यम से आपने जो सन्देश दिया है , वह सामयिक भी है और सार्थक भी.
बधाई स्वीकार करें !

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October 28, 2011 at 2:04 PM

बहुत प्रभावी और सार्थक चिंतन....
आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर शुभकामनाएं..

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October 28, 2011 at 2:10 PM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें

बहुत सुंदर ...आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर शुभकामनाएं..

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October 28, 2011 at 4:33 PM

सुन्दर और सार्थक रचना
दीवाली की हार्दिक शुभकामना!

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October 28, 2011 at 4:37 PM

उत्तम सन्देश.....
दीपपर्व की सादर शुभकामनाएं!

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October 28, 2011 at 6:08 PM

क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं
..बहुत सुन्दर प्रेरणा देती रचना ...
दीपावली और भाई दूज की हार्दिक शुभकामना

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October 28, 2011 at 6:33 PM

इस भौतिक जगत में जो भी आया
वह एक न एक दिन जाएगा जरुर
यह तथ्य वह हमसे पहले जान लेता है
क्यों न हम भी छोटे-छोटे कदमों से
अँधेरे कोनों में भी दीप जलाते रहें
दीप बन जग में उजियारा फैलाएं
...बहुत सुन्दर सन्देश
आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली और भाई दूज की हार्दिक शुभकामनायें !

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October 28, 2011 at 8:05 PM

bahut sundar prastuti..
bhaiyadooj aur chandragupt poojan ke avsar pe dher saari shubhkamnaye..

sadasya ban raha hu..

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October 28, 2011 at 11:29 PM

kitni sunder soch hai bahut khoob
deepawali ki bahut bahut badhai

rachana

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October 28, 2011 at 11:39 PM

deepotsav ki bahut bahut shubhkamnayen.

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October 29, 2011 at 11:07 AM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...
दीपावली की शुभकामनाएँ

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October 29, 2011 at 11:33 AM

बहुत सुंदर ....
दीपावली कीहार्दिक शुभकामनायें

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October 29, 2011 at 3:26 PM

बहुत सुंदर...
सार्थक चिंतन....
शुभकामनाएँ

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October 30, 2011 at 4:49 PM

सुंदर भाव..

आह्लाद की हिलोरें उठने लगीं।

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November 1, 2011 at 7:31 PM

दीपावली की शुभकामनाएँ

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November 2, 2011 at 11:41 AM

सुंदर और सार्थक प्रस्तुति ...
दीपावली की शुभकामनाएँ

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November 2, 2011 at 4:29 PM

दीप यूं ही बहुत बड़ी बात कहता है.. सतत प्रकाशमान अंतिम बूंद तेल की तक...किन्तु आपकी कविता ने दिए की इस भावना पर प्रकाश दल कर बहुत कुछ कह दिया ... सादर ...

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November 2, 2011 at 7:24 PM

दीपावली की शुभकामनाएँ

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November 3, 2011 at 12:45 PM

हमेशा की भांति बेहतरीन रचना! शुभ कामनाओं सहित!
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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November 4, 2011 at 5:34 PM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

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November 5, 2011 at 2:57 PM

सुन्दर प्रस्तुति ...
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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November 5, 2011 at 3:27 PM

कविता जी,आप मेरे ब्लॉग पर एक अरसे से नही आई हैं.
मुझ से कोई भूल हुई है क्या ?

कृपया,मुझे बताएं क्या सुधार करूँ मैं.

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November 5, 2011 at 8:41 PM

मानव को समभाव का पाठ पढाता
कविता जी अभिवादन सुन्दर भाव लिए प्यारी रचना काश हमारे मन का अंधियारा ये मिटा दे ...
भ्रमर ५
यह नन्हा सा दीपक किस तरह
अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है
जो हम जीवन भर नहीं समझ पाते
तभी तो वह अपनी जीवन की
मूल्यवान घड़ियों को व्यर्थ नहीं गवांता
प्राणयुक्त तेल चुक जाने के बाद भी
अपनी आखिरी दम तक जलकर

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November 6, 2011 at 1:30 PM

आपका पोस्ट अच्छा लगा ।मेरे नए पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

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November 7, 2011 at 10:25 AM

यह नन्हा सा दीपक किस तरह
अपने क्षणिक जीवन में
वह सब समझ लेता है
जो हम जीवन भर नहीं समझ पाते
तभी तो वह अपनी जीवन की
मूल्यवान घड़ियों को व्यर्थ नहीं गवांता
प्राणयुक्त तेल चुक जाने के बाद भी
अपनी आखिरी दम तक जलकर

बहुत सुन्दर गहरे भाव एक सद्प्रेरक प्रस्तुति के लिए आभार.

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November 7, 2011 at 4:30 PM

कृपया पधारेँ । http://poetry-kavita.blogspot.com/2011/11/blog-post_06.html

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November 8, 2011 at 8:05 AM

सुन्दर भाव लिए प्यारी रचना,

बधाई.

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November 8, 2011 at 5:11 PM

सुंदर भाव..

आह्लाद की हिलोरें उठने लगीं।

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November 8, 2011 at 6:24 PM

सुन्दर रचना ..बधाई पहलीबार आप को पढ़ रही हू ,दिया शब्द का अर्थ ही होता है देना ..सिर्फ ..देना आप मेरे ब्लॉग पर आयेगी तो बहुत खुशी होगी

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November 8, 2011 at 6:34 PM

बहुत सुन्दर रचना आने वाले समय के लिए बहुत सारी शुभकामनाएँ |

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November 9, 2011 at 7:24 AM

प्रभावी विचार

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November 9, 2011 at 10:29 PM This comment has been removed by the author.
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November 9, 2011 at 10:32 PM

बहुत ही सुन्दर रचना है

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November 10, 2011 at 12:43 PM

बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति!!!

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November 10, 2011 at 4:16 PM

आपकी उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए धन्यवाद!

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December 1, 2011 at 6:13 PM

विवाह की वर्षगांठ की आप दोनों को हार्दिक शुभकामनायें...........

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November 2, 2013 at 3:29 PM

दीप पर्व आपको सपरिवार शुभ हो !

कल 03/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
धन्यवाद!

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November 3, 2013 at 10:57 AM

बहुत सार्थक सोच

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