गणेशोत्सव

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद इन दिनों भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक दस दिन तक चलने वाले भगवान गणेश जी के जन्मोत्सव की धूम मची है। एक ओर जहाँ शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय और दूर-दराज से आये अधिकांश मूर्तिकारों द्वारा प्लास्टर आॅफ पेरिस के स्थान पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से भगवान श्रीगणेश की मनमोहक प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है वहीं दूसरी ओर गली-मोहल्लों और बाजारों  में गणपति स्थापना हेतु बने चबूतरों की साफ-सफाई और विद्युत् साज-सज्जा में रात-दिन जुटकर श्रद्धालुजनों  ने पांडालों को सजाया है।
 इसके साथ ही भगवान गणेश घर-घर में विराजमान होकर सुशोभित हैं। हमारे घर में भी गत पाँच वर्ष जब से मेरे शिवा ने होश संभाला उसके गणेश प्रेम और जिद्द से भगवान गणेश की स्थापना की जा रही है। इस बारे में मैंने उसके बारे में अपने ब्लाॅग पर गणपति में रमें बच्चे  नाम से एक पोस्ट लिखी। तब मेरा शिवा पहली कक्षा में पढ़ता था। अब वह तीसरी कक्षा में है और हिन्दी-अंग्रेजी बहुत अच्छे से पढ़ लेता है। इसके साथ ही भले ही उनके स्कूल में संस्कृत छठवीं कक्षा से पढ़ाई जाती है, लेकिन उसे अभी से संस्कृत पढ़ने में विशेष रूचि है। इसी के चलते वह चुपके से एक कापी में किसी किताब या समाचार पत्र-पत्रिका से गणेश जी से बारे में छपा चुपके-छुपके लिखता रहता है और उनकी विभिन्न आकृतियां उकेरता रहता है। अभी उसने मुझे अपनी कापी में लिखे भगवान गणेश के संस्कृत नाम- ऊँ गणाधिपतये नमः, ऊँ विध्ननाशाय नमः, ऊँ ईशपुत्राय नमः, ऊँ सर्वासिद्धिप्रदाय नमः, ऊँ एकदंताय नमः, ऊँ कुमार गुरवे नमः, ऊँ मूषक वाहनाय नमः, ऊँ उमा पुत्राय नमः, ऊँ विनायकाय नमः, ऊँ ईशवक्त्राय नमः पढ़कर सुनाये तो मुझे आश्चर्य हुआ। जिज्ञासावश पूछा तो  बताया कि दीदी से मैंने पढ़ना सीखा है और अबकी बार गणेशजी की पूजा मैं खुद ही करूँगा इसके लिए आपको मेरे गणपति के लिए लड्डू और मोदक  बनाने होंगे।
हर दिन आॅफिस की ड्यूटी तो बजाते ही हैं अब बच्चे ने ड्यूटी लगाई है तो मैंने भी लड्डू और मोदक बनाने की तैयारी कर ली है। बस इंतजार है तो गणेश चतुर्थी की छुट्टी का। इसके साथ ही पापा की ड्यूटी  हर शाम शहर के विभिन्न जगहों पर विराजमान गणेशजी की प्रतिमाओं और झाकियों को दिखाने की लगा रखी  है।
हमारे घर के ठीक सामने एक फूल का पेड़ है। गर्मियों में मैं हर दिन उसे खूब पानी देती रही, फिर भी मुझे वह कभी खिला नजर नहीं आया; मुरझाया ही दिखा। लेकिन बरसात की पहली फुहार क्या पड़ी कि वह खिल उठा और फूलों से लद गया। यह प्रकृति का कमाल है। अब उसे देख लगता है जैसे उसे भी गणेशोत्सव की खबर पहले से ही लग गई, तभी तो वह फूलों से लदकर गणेश जी के स्वागत के तैयार है। अब हर सुबह मुझे जल्दी बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के बाद गणपति जी के लिए पहले फूल तोड़कर माला बनाने फिर लड्डू, मोदक का भोग लगाने की अतिरिक्त ड्यूटी तो निभानी है, साथ-साथ आॅफिस की तैयारी भी करनी है। भले ही अतिरिक्ति भागमभाग में दिन बीतेगा लेकिन मैं जानती हूँ गणपति जी की कृपा से इसमें में भी आनन्द की अनुभूति होगी क्योंकि कलियुग में शक्ति और विध्नेश्वर कहलाने वाले भगवान गणेश की उपासना शीघ्र फलदायी जो मानी गई है। यही सोचकर भक्ति भाव और बच्चों की खुशी की खातिर शरीर में तरोताजगी महसूस कर अपने काम में जुटी रहती हूँ ।     
भगवान गणेश जी सर्वत्र किसी न किसी रूप में पूजे जाते हैं, उनके बारे में जितना कहा जाय, लिखा जाय कम है। आज सिंघ और तिब्बत से लेकर जापान और श्रीलंका तक तथा भारत में जन्मे प्रत्येक विचार एवं विश्वास में गणपति समाए हैं। जैन सम्प्रदाय में ज्ञान का संकलन करने वाले गणेश या गणाध्यक्ष की मान्यता है तो बौद्ध के वज्रयान शाखा का विश्वास कभी यहां तक रहा है कि गणपति के स्तुति के बिना मंत्रसिद्धि नहीं हो सकती। नेपाल तथा तिब्बत के वज्रयानी बौद्ध अपने आराध्य तथागत की मूर्ति के बगल में गणेश जी को स्थापित रखते रहे हैं। सुदूर जापान तक बौद्ध प्रभावशाली राष्ट्र में भी गणपति पूजा का कोई न कोई रूप मिल जाता है। प्रत्येक मनुष्य अपने शुभ कार्य को निर्विध्न समाप्त करना चाहता है। गणपति मंगल-मूर्ति हैं, विध्नों के विनाशक हैं। इसलिए इनकी पूजा सर्वप्रथम होती है। शास्त्रों में गणेश को ओंकारात्मक माना गया है, अतः उनका सबसे पहले पूजन होता है। 
भगवान गणेश जी के अनूठी शारीरिक संरचना से हमें बहुत सी बातें सीखने को मिलती है। जैसे- उनका बड़ा मस्तक  हमें बड़ी और फायदेमंद बातें सोचने के लिए प्रेरित करता है तो छोटी-छोटी आंखे हाथ में लिए कार्यों को उचित ढंग से और शीघ्र पूरा करने की ओर इशारा करती हैं।  उनके सूप जैसे बड़े कान हमें नये विचारों और सुझावों को धैर्यपूर्वक सुनने की सीख देते हैं तो लम्बी सूंड हमें अपने चारों ओर की घटनाओं की जानकारी और ज्यादा सीखने के लिए प्रेरित करती हैं ।  उनका छोटा मुंह हमें कम बोलने की याद दिलाता है तो जीभ हमें तोल मोल के बोल की सीख देती है। 

जय श्री गणेश!
 
सभी को गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें 
        कविता रावत  


SHARE THIS

Author:

Previous Post
Next Post
August 28, 2014 at 11:07 AM

सुन्दर आलेख है, गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें आपको भी !

Reply
avatar
August 28, 2014 at 11:14 AM

बहुत सुन्दर
जय श्री गणेश!

Reply
avatar
August 28, 2014 at 1:03 PM

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (29.08.2014) को "सामाजिक परिवर्तन" (चर्चा अंक-1720)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है, धन्यबाद।

Reply
avatar
August 28, 2014 at 2:06 PM

बहुत सुंदर. गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं.
नई पोस्ट : कि मैं झूठ बोलिया

Reply
avatar
Anonymous
August 28, 2014 at 3:23 PM

Its like you read my mind! You appear to know so much about
this, like you wrote the book in it or something.
I think that you can do with some pics to drive the message home a little bit,
but other than that, this is magnificent blog.
A fantastic read. I will certainly be back.

Feel free to surf to my web blog ... Manfaat buat

Reply
avatar
August 28, 2014 at 4:14 PM

बहुत-बहुत सुन्दर
गजानन महाराज की जय!!!!
गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामना!!

Reply
avatar
August 28, 2014 at 4:24 PM

सभी देवो में गणेश जी ही है जो बच्चों को अपने जैसे प्यारे लगते है तभी तो गणपति बप्पा खूब भाते हैं ..
गणेश जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाऐ....

Reply
avatar
August 28, 2014 at 5:04 PM

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामना!!

Reply
avatar
August 28, 2014 at 6:07 PM

जय गजानन
सच में रौनक ही अलग होती है इस उत्सव के माहौल में ....

Reply
avatar
August 28, 2014 at 6:19 PM

गणेश उत्सव पर आपने बहुत विस्तृत और रोचक जानकारी दी है
हार्दिक शुभकामनायें!

Reply
avatar
August 28, 2014 at 6:28 PM

कविता जी! गणेश जी तो बेटे के रूप में आपके घर में ही विराजमान हैं।
एक दो तीन चार
गणपति जी की जय जयकार
जय गजानन महाराज की !!!

Reply
avatar
August 28, 2014 at 7:52 PM

सुन्दर आलेख!
गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें!!!

Reply
avatar
August 29, 2014 at 6:17 AM

बहुत सुन्दर सामयिक प्रस्तुति। गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ!!

Reply
avatar
August 29, 2014 at 12:44 PM

बढ़िया प्रस्तुति व लेखन , आ. धन्यवाद व गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं !
Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

Reply
avatar
August 29, 2014 at 1:38 PM

शिव है तो गणेश के करीब होगा ही
गणेश चतुर्थी की शुभकामनायें!!

Reply
avatar
August 29, 2014 at 1:42 PM

जय जय श्री गणेश!
गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं!

Reply
avatar
August 29, 2014 at 2:22 PM

बहुत सुन्दर आलेख .......गणपति बप्पा मोरिया, पुढ़च्यावर्षी लौकर या।
गणेश चतुर्थी की बधाई..

Reply
avatar
August 29, 2014 at 2:28 PM

गणपति बप्पा मोरिया
गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं!

Reply
avatar
August 29, 2014 at 8:54 PM

सुन्दर आलेख !
यहाँ दिल्ली मे भी अब सड़कों पर सैंकड़ों मूर्तियाँ दिखाई देती हैं ! कितने ही लोगों को रोजगार मिल रहा है ...

Reply
avatar
Anonymous
August 30, 2014 at 1:32 AM

Hi there, i read your blog ochasionally and i
own a similar oone and i was just curious if you get a lott of spam feedback?
If so hoow do you reduce it, any plugin or anything
you ccan advise? I get so much lately it's driving me mad so any assistance is very much appreciated.


Feel free too visit my web site: Las Vegas Appliance Repairman

Reply
avatar
August 30, 2014 at 3:26 PM

गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

Reply
avatar
August 30, 2014 at 6:12 PM

गणपति बप्पा मोरिया
गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं!

Reply
avatar
August 31, 2014 at 11:34 AM

भारत की पहचान हैं ये पर्व।
सुंदर विवरण।
शुभकामनाएं।

Reply
avatar
August 31, 2014 at 12:28 PM

बेहतरीन प्रस्तुति... अनुपम दृश्य...

Reply
avatar
August 31, 2014 at 2:44 PM

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...शुभकामनायें!

Reply
avatar
August 31, 2014 at 10:11 PM

वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा !

Reply
avatar
September 2, 2014 at 10:09 AM

Very fine post.
jai Ganesh deva.

Reply
avatar
September 3, 2014 at 5:03 PM

इन्सान सीखना चाहे तो बहुत कुछ सीख रक्त है हर किसी से ... और फिर गणपति तो हैं ही ऐसे देवता जो ज्ञान के भण्डार हैं ...
जय हो बाप्पा की ....

Reply
avatar
September 3, 2014 at 11:37 PM

जय गणेश
बहुत सुन्दर आलेख
उत्कृष्ट प्रस्तुति
सादर ---

आदरणीया मेरे ब्लॉग में भी पधारा करें --
भीतर ही भीतर ------

Reply
avatar
September 4, 2014 at 3:52 PM

जय गजानन
जय गणेश
बहुत सुन्दर आलेख

Reply
avatar
September 5, 2014 at 6:53 AM

जय गणेश देवा।
विघ्न हरो जन-जन के।
--
सुन्दर प्रस्तुति।

Reply
avatar
September 19, 2014 at 7:54 PM

Sunder aalekh... Ganpati bappa morya....

Reply
avatar