समझदार धन-दौलत से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं

बैल  को  सींग और आदमी  को उसकी  जबान से  पकड़ा  जाता  है।
अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।

तूफान  के  समय की शपथें उसके थमने पर भुला दी जाती हैं।
वचन देकर नहीं मित्रता निभाने से कायम रखी जा सकती हैं।।

एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
वचन    और    पंख   को    अक्सर    हवा    उड़ा   ले   जाती   है।।

एक छोटा-सा उपहार बहुत बड़े वचन से बढ़कर होता है।
वचन    के  देश   में   मनुष्य   भूखा   मर   सकता   है।।

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।

दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।

   ....कविता रावत

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RAJ
December 11, 2014 at 12:11 PM

दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।
.....
सत्य वचन .....

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December 11, 2014 at 12:23 PM

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।...
हकीकत भरे चाँद हैं सभी ... हर बार मुंह से निकल गया ... "ये तू बिलकुल सच है "......

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December 11, 2014 at 2:33 PM

बैल को सींग और आदमी को उसकी जबान से पकड़ा जाता है।
अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।
...................... सटीक कहा गया है

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December 11, 2014 at 2:59 PM

बेहतरीन

उम्द्दा
यूँ हुआ है कुछ मौसम का असर देखिए
खिलखिलाता है हर सूखा हुआ शज़र देखिए

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December 11, 2014 at 3:04 PM

एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
वचन और पंख को अक्सर हवा उड़ा ले जाती है।।

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December 11, 2014 at 3:59 PM

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (12.12.2014) को "क्या महिलाए सुरक्षित है !!!" (चर्चा अंक-1825)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

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December 11, 2014 at 5:10 PM

लाजवाब लोकोक्ति ...........

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December 12, 2014 at 11:19 AM

बुझे तो अनमोल वचन...

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December 12, 2014 at 11:45 AM

अनुपम रचना ...

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December 12, 2014 at 4:32 PM

आज बहुत से लोग आंखों के रोग से ग्रस्त है और उनके रोगों को ठीक करने के उपाय बताने जा रहा है जैसे- जायफल को पीसकर दूध में मिलाकर सुबह-शाम आंखों पर लगाए इससे आंखों का रोग ठीक हो जाता है। इस प्रकार के और भी नुसखें पाने के लिए यहां पर Click करें। आच्छा लगे तो Share करें।
आंखों आना का औषधियों से उपचार

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December 15, 2014 at 9:11 AM

काव्य में सुन्दर विचारणीय विचार!

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December 15, 2014 at 9:18 PM

यथार्थ भाव लिए पंक्तियाँ

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December 16, 2014 at 4:27 PM

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।
बहुत ख़ूब...सुंदर और सटीक

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January 5, 2015 at 10:10 PM

Ab hum koshish karenge samajhdaar bane rehne ki.. :)

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