समझदार धन-दौलत से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं

बैल  को  सींग और आदमी  को उसकी  जबान से  पकड़ा  जाता  है।
अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।

तूफान  के  समय की शपथें उसके थमने पर भुला दी जाती हैं।
वचन देकर नहीं मित्रता निभाने से कायम रखी जा सकती हैं।।

एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
वचन    और    पंख   को    अक्सर    हवा    उड़ा   ले   जाती   है।।

एक छोटा-सा उपहार बहुत बड़े वचन से बढ़कर होता है।
वचन    के  देश   में   मनुष्य   भूखा   मर   सकता   है।।

अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।

दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।

   ....कविता रावत

20 comments :

  1. दो बातूनी साथ-साथ बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पाते हैं।
    समझदार धन-दौलन से पहले जबान पर पहरा लगाते हैं।।
    .....
    सत्य वचन .....

    ReplyDelete
  2. अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
    तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।...
    हकीकत भरे चाँद हैं सभी ... हर बार मुंह से निकल गया ... "ये तू बिलकुल सच है "......

    ReplyDelete
  3. बैल को सींग और आदमी को उसकी जबान से पकड़ा जाता है।
    अक्सर रात को दिया वचन सुबह तक मक्खन सा पिघल जाता है।।
    ...................... सटीक कहा गया है

    ReplyDelete
  4. बेहतरीन

    उम्द्दा
    यूँ हुआ है कुछ मौसम का असर देखिए
    खिलखिलाता है हर सूखा हुआ शज़र देखिए

    ReplyDelete
  5. एक रुपये वचन की कीमत आधे रुपये के बराबर भी नहीं होती है।
    वचन और पंख को अक्सर हवा उड़ा ले जाती है।।

    ReplyDelete
  6. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (12.12.2014) को "क्या महिलाए सुरक्षित है !!!" (चर्चा अंक-1825)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

    ReplyDelete
  7. लाजवाब लोकोक्ति ...........

    ReplyDelete
  8. बुझे तो अनमोल वचन...

    ReplyDelete
  9. अनुपम रचना ...

    ReplyDelete
  10. आज बहुत से लोग आंखों के रोग से ग्रस्त है और उनके रोगों को ठीक करने के उपाय बताने जा रहा है जैसे- जायफल को पीसकर दूध में मिलाकर सुबह-शाम आंखों पर लगाए इससे आंखों का रोग ठीक हो जाता है। इस प्रकार के और भी नुसखें पाने के लिए यहां पर Click करें। आच्छा लगे तो Share करें।
    आंखों आना का औषधियों से उपचार

    ReplyDelete
  11. काव्य में सुन्दर विचारणीय विचार!

    ReplyDelete
  12. यथार्थ भाव लिए पंक्तियाँ

    ReplyDelete
  13. अंडे और कसमें तोड़ने में कोई देर नहीं लगती है।
    तंगदिल इंसान की जबान बहुत लम्बी रहती है।।
    बहुत ख़ूब...सुंदर और सटीक

    ReplyDelete
  14. Ab hum koshish karenge samajhdaar bane rehne ki.. :)

    ReplyDelete

Copyright © KAVITA RAWAT. Made with by OddThemes . Distributed by Weblyb