हुए हम घायल प्यार में तेरे

हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो
जरूरत नहीं मरहम पट्टी की
घाव दिल पर गहराने दो
मुश्किल से बने हम दीवाने
अब हमें होश में मत लाना
कितना सूकूँ है इस प्यार में
बनकर दीवाना समझ जाना

मिले तुम घायल करने वाले
जरा प्यार की हद गुजरने दो
हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो

छोड़ दी यदि दीवानगी हमने
तो तुम भी घायल हो जाओगे
सोचना प्यारभरी यादों में डूबकर
बनकर दीवाना कैसे रह पाओगे
अच्छी नहीं ज्यादा दीवानगी
कहता कोई तो कहने दो
हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो

कल तक बेखबर दिल प्यार से
उसे अब प्यार निभाना सीखना है
रहना है जिस दिल में उसे
गहराई उसकी भी नापना है
पहली प्यार की ये दीवानगी
प्यार की उम्रकैदी बनने दो
हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो
.................................................
आज वैवाहिक जीवन की 22वीं वर्षगांठ पर पहले पहल प्यार में गुजरे प्रेम पातियों से निकली एक पाती प्रस्तुत है  ......कविता रावत


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November 30, 2017 at 8:22 AM

परिणय पर्व की वर्षगांठ मुबारक हो। प्यार की उम्रकैद उम्रदराज हो। सुंदर 'कविता'!!!

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November 30, 2017 at 11:46 AM

कविता जी, बधाई स्वीकारें, सपरिवार। आने वाला समय और भी शुभ हो।

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November 30, 2017 at 12:02 PM

हार्दिक शुभकामनाएं स्वीकार करें....

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November 30, 2017 at 12:02 PM

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 01 दिसम्बर 2017 को साझा की गई है.................. http://halchalwith5links.blogspot.com पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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November 30, 2017 at 12:43 PM

कल तक बेखबर दिल प्यार से
उसे अब प्यार निभाना सीखना है
रहना है जिस दिल में उसे
गहराई उसकी भी नापना है
पहली प्यार की ये दीवानगी
प्यार की उम्रकैदी बनने दो
हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो
बहुत ही बढिया प्रस्तुति, कविता।
सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं

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November 30, 2017 at 2:45 PM

हार्दिक शुभकामनाएँ आदरणीय कविता जी

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November 30, 2017 at 3:45 PM

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (01-12-2017) को खोज रहा बाहर मनुज, राहत चैन सुकून : चर्चामंच 2804 पर भी होगी।
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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December 1, 2017 at 7:34 AM

बेहतरीन अभिव्यक्ति , मंगलकामनाएं आपको !

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December 1, 2017 at 9:07 AM

अत्यंत सुन्दर भावनायें ! बधाई आपको आपके चर्चित प्रकाशन हेतु

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December 1, 2017 at 9:44 AM

आदरणीय कविता जी -- प्यार की पाती -- बहुत खास है | आपको परिणय बंधन की वर्षगांठ की हार्दिक बढ़ियाँ और मंगलकामनाएं | साथी के साथ आपका प्रेम और शाश्वत बंधन अटूट और अक्षुण हो ईश्वर से यही प्रार्थना है | सपरिवार आप दोनों आनंद विभोर रहें | प्रेम में घायल होने की खुशनसीबी अनंत हो | सस्नेह -----आपकी बहन

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December 1, 2017 at 9:44 AM

आदरणीय कविता जी -- प्यार की पाती -- बहुत खास है | आपको परिणय बंधन की वर्षगांठ की हार्दिक बधाइयाँ और मंगलकामनाएं | साथी के साथ आपका प्रेम और शाश्वत बंधन अटूट और अक्षुण हो ईश्वर से यही प्रार्थना है | सपरिवार आप दोनों आनंद विभोर रहें | प्रेम में घायल होने की खुशनसीबी अनंत हो | सस्नेह -----आपकी बहन

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December 1, 2017 at 9:54 AM

आदरणीय कविता जी
बेहतरीन अभिव्यक्ति
आपको परिणय बंधन की वर्षगांठ की हार्दिक मंगलकामनाएं

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December 1, 2017 at 10:23 AM

हार्दिक शुभकामनाएं, कविता जी !
बहुत ही सुन्दर,दिल की बात....
प्यार की उम्रकैदी बनने दो....
वाह!!!!

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December 1, 2017 at 6:02 PM

कल तक बेखबर दिल प्यार से
उसे अब प्यार निभाना सीखना है
रहना है जिस दिल में उसे
गहराई उसकी भी नापना है
पहली प्यार की ये दीवानगी
प्यार की उम्रकैदी बनने दो
हुए हम घायल प्यार में तेरे
घायल ही हमको रहने दो
वाह वाह !!!!!!!!!!!!

ढेरों शुभकामनाएं।

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December 1, 2017 at 10:21 PM

बधाई सहित शुभकामनाएं ... सादर

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December 2, 2017 at 3:58 PM

सादर हार्दिक शुभकामनायें।

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December 3, 2017 at 4:52 PM

आदरणीय /आदरणीया आपको अवगत कराते हुए अपार हर्ष का अनुभव हो रहा है कि हिंदी ब्लॉग जगत के 'सशक्त रचनाकार' विशेषांक एवं 'पाठकों की पसंद' हेतु 'पांच लिंकों का आनंद' में सोमवार ०४ दिसंबर २०१७ की प्रस्तुति में आप सभी आमंत्रित हैं । अतः आपसे अनुरोध है ब्लॉग पर अवश्य पधारें। .................. http://halchalwith5links.blogspot.com आप सादर आमंत्रित हैं ,धन्यवाद! "एकलव्य"

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December 4, 2017 at 11:08 AM

बाईस वर्षों के लम्बे और प्रेम भरे जीवन की अनत शुभकामनायें ...
आज के दिन को शब्दों के प्रेम मय वातावरण से आपने शायराना बना दिया ... ढेरों बधाई ...

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December 6, 2017 at 7:43 PM

अच्छी रचना और बहुत बहुत शुभकामनाएं !!!!!!!!!!!

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December 9, 2017 at 12:21 PM

हार्दिक शुभकामनाएं

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