ब्लॉग के माध्यम से मेरा प्रयास है कि मैं अपने विचारों, भावनाओं को अपने पारिवारिक दायित्व निर्वहन के साथ-साथ कुछ सामाजिक दायित्व को समझते हुए सरलतम अभिव्यक्ति के माध्यम से लिपिबद्ध करते हुए अधिकाधिक जनमानस के निकट पहुँच सकूँ। इसके लिए आपके सुझाव, आलोचना, समालोचना आदि का स्वागत है। आप जो भी कहना चाहें बेहिचक लिखें, ताकि मैं अपने प्रयास में बेहत्तर कर सकने की दिशा में निरंतर अग्रसर बनी रह सकूँ|

Saturday, August 24, 2019

एक लप्पड़ मार के तो देख


हर मुश्किल राह आसान हो जाएगी तेरी
धीरज रख  आगे कदम बढ़ा के तो देख

बहुत हुआ तेरा अब सुनहरे ख्वाब बुनना
नींद त्याग और बाहर निकल के तो देख

कैसे-कैसे   लोग वैतरणी तर  गए  सरपट
याद कर फिर उचक-दुबक चल के तो देख

कुछ भी हासिल न होगा बैठ किनारे तुझे
हिम्मत कर  गहरे पानी उतर के तो देख

छोड़ उदासी  मिलेगी  तुझे तेरी  मंजिल
कमर कस पूरे वेग दौड़ लगा के तो देख

सोये लोग भी जागकर साथ चल देंगे तेरे
विश्वास रख झिंझौड़-झिंझौड़ के तो देख

मुर्गे-बकरे काट तू भी बन मोटा आदमी
सोच मत लपड़- झपड़   कर के तो देख

बहुत हुआ गर गिड़गिड़ाना हाथ-पैर जोड़ना
चुप  मत  रह  एक  लप्पड़ मार के  तो देख

...कविता रावत

Wednesday, August 14, 2019

इस वास्ते पंद्रह अगस्त है हमें प्यारा


जब-जब 15  अगस्त को लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया जाता है
तब-तब स्वतंत्रता प्राप्ति हेतु न्यौछावर हर शहीद सबको याद आने लगता है

प्रधानमंत्री जी पहले देश की कठिनाईयों, विपदाओं पर बहुत देर गंभीर रहते हैं
फिर भावी योजना पर प्रकाश डाल वर्षभर की उपलब्धियों का बखान करते हैं

राष्ट्रशक्ति को निर्बल करने वाले आंतरिक व बाह्य तत्वों पर तीव्र प्रहार करते हैं
फिर सभी 'राष्ट्रगान' गाकर 'जय हिंद' के घोष-संग अपनी राह पकड़ लेते हैं

इधर दिल्ली के प्रमुख नागरिक, राजदूत, कूटनीतिज्ञों का सरकारी भोज होता है
उधर हमारा मन भी 'आजादी का एक लड्डू' पाकर ख़ुशी से भर-भर आता है

चलो आज 'हम स्वतंत्र है और रहेंगे' यह भाव एक बार सबके मन तो आता है
जो मन में 'राष्ट्र और राष्ट्रीयता' की हलकी-सी हलचल उत्पन्न कर जाता है

आओ सभी फहरा कर तिरंगा, मिलकर गायें ये गीता न्यारा-
"इस वास्ते पंद्रह अगस्त है हमें प्यारा
आजाद हुआ आज के दिन देश हमारा"

इस दिन के लिए खून शहीदों ने दिया था
बापू ने भी इस दिन के लिए ज़हर पिया था
इस दिन के लिए नींद जवाहर ने तजी थी
नेताजी ने पोशाख सिपाही की सजी थी
गूंजा था आज देश में जय हिंद का नारा
आज़ाद हुआ आज के दिन देश हमारा
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स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं सहित
जय हिन्द! जय भारत!
... कविता रावत 

Sunday, August 11, 2019

अबकी बार राखी में


प्रस्तुत है- प्लीजेंट वैली राजपुर, देहरादून से प्रकाशित मासिक पत्रिका 'हलन्त' के अंक अगस्त, 2019 में प्रकाशित मेरी रचना 'अबकी बार राखी में '