देसी भाभी की गांड मारी

लाल बहादूर शास्त्री यांचे कार्य

लाल बहादूर शास्त्री यांचे कार्य, हा गरम और टाइट भी है…. चोदो….आह…..चोदो अपनी इस चुदासी मामी को ओह…..बहुत तडपी हू……….मोटा लंड खाने के लिए……तेरा मामा, बेहन का लंड तो बसस्स्सस्स……..तू……अब मेरे पास ही रहेगा…..तेरी मा चाहे गांद मरा ले मगर उसके पास नही भेजने वाली……यही पर अपनी जाँघो के बीच दबोच कर रखूँगी…… मैं कल रवि से कहूँगा की तुम्हें तुम्हारे घर ड्राप कर दे. वहां से किसी भी तरह की जरूरत हो तो मुझे फ़ोन जरूर करना शमशेर ने कहा.

‘नहीं रे, कहा ना तेरे अंकल को तो सिर्फ़ टाँगें उठा कर चोदना आता है, काम-कला तो उन्होंने सीखी ही नहीं।’ ऒह मेरे बेटे, मैं भी यही चाहती हूं, पर तुमसे शादी करके मैं और कहीं जा कर रहना चाहती हूं जहां हमें कोई न पहचानता हो. तू बाहर दूर कहीं नौकरी ढूंढ ले या बिज़िनेस कर ले. मैं तेरी पत्नी बनकर तेरे साथ चलूंगी. यहां हमें बहुत सावधान रहना पड़ेगा सुन्दर. पूरा आनंद हम नहीं उठा पायेंगे

फूफी फ़रहीन किया गांड़ देते हुए आप को मज़ा आ रहा है? मैंने उनके भारी चूतड़ों पर चुटकी काटते हुए पूछा. लाल बहादूर शास्त्री यांचे कार्य शास...अभी भाभी...अओर शास ने दुबारा अपने उंगलियाँ पायल की चूत मैं घुसा दी.....पायल मस्ती मैं चीख उठी.....उउउउउउउउम्म्म्म्म्म्म्म्माआआआआह्ह्ह्ह्ह...शास ने पूरी उंगली पायल की चूत मैं घुमाई अओर लाकर भाभी के होंठो पर रख दी.....लो भाभी.......चाट लो पायल की चूत का पानी....बड़ा ही कमाल का है.....

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  1. आया ने चूत के क्लिट को सहलाते हुए और उंगलियों को पेलते हुए कहा मेरी बाते तो बकवास ही लगेंगी मगर क्या आपने कभी छ्होटे मलिक का औज़ार देखा है
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पिरी- तो मैं चाहती हूँ की तुम मेरा सब कुछ देख लो। और जी भरके प्यार कर लो क्योंकी हमारी शादी तो नहीं हो सकती। लेकिन मैं तुम्हें शादी के सभी शुख देना चाहती हूँ। तुम मुझे भूलोगे तो नहीं ना…

शास...कंचन ये दोनो पहले चुदवा चुकी है...अब एन्हे जीयादा देर नही लगेगी....अओर फिर इनकी चूत तो पहले ही पानी चोदने को तय्यार है....बस लंड का साथ मिल जाए.... अब कभी मैं उसके ऊपर चढ़कर चुदाई करता तो कभी वो मेरे ऊपर चढ़कर मेरा बाजा बजाती, इसी तरह अगले दस मिनट तक गुत्थमगुत्थी होती रही और फिर अन्त में एक बार फिर 69 की अवस्था में आकर दोनों ने एक दूसरे के रस का आनन्द लिया।

लाल बहादूर शास्त्री यांचे कार्य,हम आखिर आकर नई जगह बस गये. यहां मैंने सभी को यही बताया कि मैं अपनी पत्नी के साथ हूं. हमारा संभोग तो अब ऐसा बढ़ा कि रुकता ही नहीं था. सुबह उठ कर, फ़िर काम पर जाने से पहले, दोपहर में खाने पर घर आने के बाद, शाम को लौटकर और फ़िर रात को जब मौका मिले, मैं बस अम्मा से लिपटा रहता था, उस पर चढ़ा रहता था.

तो लालो ने कहा पहले भी पापा के साथ उन के दोस्त आते थे लेकिन मुझे ये अब पता चला है कि वो मेरी मा को चोदने के लिया आते हैं

पर अपनी पकड़ बना रहे थे.......लॅकिन अब पूजा के सब्र का बाँध टूट ता जा रहा था......स्शस प्लीज़ .....अओर मतरानी चटर्जी सेक्स वीडियो

ऊह.. विशाल हाय... यह तुम क्या कर रहे हो. ऊह.. उः.. और एक पल के बाद ही वह आप'नी चूत का पह'ला रस छोऱ'ने वाली थी.. मेरी बहन पे तो मेरी सारी दौलत कुर्बान है....वैसे मैं देख रहा हू तू भी बहुत डायलॉग वायलॉग मारने लग गयी है...यह सब मिठाई विठाई का डायलॉग कहाँ से सीखा तूने...?

फिर आग'ले दिन मैने कामिनी के चाचा के घर फोन किया तो इतेफ़ाक से चाची'ने फोन उठाय. सलाम दुआ के बाद मैने चाची से पूचछा की,

उसने लिंग मेरी योनि में घुसा दिया और चोदने लगा, मैं उसके चूतड़ों को कस के पकड़ कर अपनी ओर खींचने लगी। उसकी साँसें मेरी साँसों से तेज़ हो रही थी।,लाल बहादूर शास्त्री यांचे कार्य फिर सुधा ने विजय का लिंग पकड़ कर मेरी योनि पर रगड़ना शुरू कर दिया, इससे मुझे बहुत मजा आ रहा था, मन कर रहा था कि जल्दी से उसे मेरी योनि में डाल दे।

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