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सुंदर लड़की का बीएफ

सुंदर लड़की का बीएफ, चेतन ने कुछ देर के लिए अपने लंड को उसकी चूत में अन्दर-बाहर किया और फिर अपना लंड अपनी बहन की चूत से बाहर निकाल लिया। मैं: उन्हें नहीं पता था की तू कहाँ है? तो वो क्या कहते? Hell I wasn't even conscious ! Thanks to you !

फिर मैं अपने कमरे मैं चली गई। उधर चेतन बिस्तर पर लेटा हुआ था.. तैयार होकर मैंने भी अपने लिए टाइट्स और एक थोड़ी लूज कमीज़ निकाल ली। चेतन- रात को भी तूने मेरा सारा काम खराब कर दिया था.. मेरे मना करने के बावजूद अपनी भाभी को जगा लिया था।

मैं: I'm not a GOD ...की तू मेरे लिए उनसे लड़ाई करेगा| तूने खुद ही कहा न की वो गुस्से में किसी की नहीं सुनते! एक बार उनका गुस्सा शांत हो जाए तो हम खुद मिलेंगे उनसे... तब तुझे मेरी जितनी तरफदारी करनी है कर लिओ| ठीक है? सुंदर लड़की का बीएफ बाजी ने जो पिक भेजी, उसमें बाजी बेड पे लेटी हुई थी पूरी नंगी जिसमें बाजी की कोमल चूचियां और पिंकिश फुद्दी भी टांगें खुली होने की वजह से साफ नजर आ रही थी, जिसे देखकर मेरा लण्ड झटके खाना लगा। जो कि बाजी से चैट के दौरान पहले ही खड़ा हो गया था।

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  1. लैपटॉप अब बिस्तर पर रखा हुआ था। मैंने अपनी टाँगें फैलाईं और आहिस्ता से डॉली को अपनी गोद में खींच लिया। डॉली भी चुप करके मेरी गोद में लेट गई और मेरे एक साइड पर रखे हुए लैपटॉप पर वही लेज़्बीयन फिल्म देखने लगी।
  2. मैं: माँ भाभी का शरीर छू के देखो भट्टी की तरह टप रहा है और इनका कहना है की कुछ नहीं हुआ| दो दिन से कुछ काया भी नहीं तभी तो देखो कितनी कमजोरी आ गई है| हिंदी चुदाई गांव की
  3. मुझे गुस्सा तो बहुत आया की आग ठंडी पड़ चुकी है...और इन्हें उसमें घांसलेट डालने की पड़ी है| तभी पिताजी बोले, मैंने भी कोई मज़ाहमत नहीं की और उसे और भी गर्म करने के लिए उससे लिपट गई और उसके बोसे का जवाब बोसे से देने लगी।
  4. सुंदर लड़की का बीएफ...मैं धीरे से मुस्कुराई और बोली- डोंट वरी डार्लिंग.. तुम्हारी बहन मुझे सब बता चुकी है कि कैसे तुम उसे चोद चुके हो। फिर मैं डॉली को चाय बना कर लाने का कह कर रसोई से बाहर टीवी लाउंज में आ गई और चेतन के बिल्कुल साथ लग कर बैठ गई। चेतन ने भी टीवी देखते हुए मेरी गर्दन के पीछे से अपना बाज़ू डाला और मेरी दूसरे कन्धों पर ले आया और ऊपर से ही मेरी चूचियों को सहलाने लगा।
  5. उस सेक्सी नाईट ड्रेस में डॉली तो क़यामत ही लग रही थी, उसका खूबसूरत चिकना चिकना सीना बिल्कुल खुला हुआ था, उसकी चूचियों का ऊपरी हिस्सा उस ड्रेस में से बाहर ही नंगा हो रहा था, कन्धों से तो बिल्कुल ही नंगी लग रही थी.. उन पर सिर्फ़ पतली पतली सी डोरियाँ थीं। मैं- बस आपने बोला था ना कि आज अपनी बहन को नींद की गोलियां जूस में डालकर दें, तो थोड़ी घबराहट भी हो रही थी।

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मैं: मैंने फँसा दिया? आप मुझे वहां सब के सामने अकेला छोड़ के भाग आये उसका क्या? (मैंने प्यारभरे लहजे में उनसे शिकायत की)

मैं: आपकी इस बात का जवाब मेरे पास तो नहीं...और अगर होता भी है तो...मेरे कहने से शायद उस बात के मायने बदल जाएँ! आपके सवाल का जवाब आपके ही पास है| डॉली तो नहीं लेना चाह रही थी लेकिन मैंने उसे भी लेकर दी। ब्लैक रंग की जाली वाली.. जिसमें से उसकी दोनों चूचियाँ ही नंगी नज़र आएं।

सुंदर लड़की का बीएफ,निदा ने बड़े अजीब अंदाज में कहा- भाई अम्मी और बाजी नहाकर बाहर गई हैं नाश्ता लाने, और मैं नहाने जा रही हूँ। तुम भी अब उठ ही जाओ... और इतना बोलकर बाथरूम में जा घुसी।।

मैं सीधा हुआ और फिर से अम्मी की फुद्दी में तेजी से अपने लण्ड को अंदर-बाहर करने लगा, जिससे रूम में थप्प-थप्प की आवाजें गूंजने लगीं और फिर मैं भी दो मिनट में ही अम्मी की फुद्दी में फारिघ् हो गया और अम्मी के ऊपर ही गिरकर लंबी सांसें लेने लगा।

मैंने कपड़े चेंज किए और बाजार से नाश्ते लाने चल दिया। मुझे काफी दूर से नाश्ता लाना पड़ा, जिसमें मुझे 9:00 बजे से ऊपर का टाइम हो गया था। जब मैं घर वापिस आया तो सब लोग नहा धो के फ्रेश हो चुके थे। जिसके बाद सबने मिलकर खाना खाया।क्या कहना हिंदी मूवी

मैंने भी महसूस किया कि वो थोड़ा सा ऊपर को उठा और उसने बहुत ही आहिस्ता से डॉली के गाल की तरफ अपनी मुँह कर बढ़ाया और उसके गोरे-गोरे गाल को चूम लिया। हम घर से कुछ दूर आ गए थे पर हम दोनों में बातचीत बंद थी| मैं नेहा को गोद में उठाय उनके साथ-साथ चल रहा था, आखिर भौजी स्वयं ही मुझ से बोलीं;

काशी- जान, अब बस करो अब क्या फायदा इन बातों का? मैं नहीं चाहता था कि मैं तुम्हें ये सब दिखाऊँ, लेकिन तुमने मजबूर किया है...’

पिताजी: नहीं...गोदभराई में मर्दों का कयाम काम...तुम्हें तो आना ही होगा| फिर मिश्रा जी की पत्नी ने ख़ास कर तुम्हें बुलाया है| ये अकेला रह लेगा|,सुंदर लड़की का बीएफ खेर आज का दिन कुछ अलग ही था...सुबह से ही घर में बहुत चहल कदमी थी| पता नहीं क्या कारन था...मेरे पूछने पर भी किसी ने कुछ नहीं बताया| यहाँ तक की भौजी को भी इस बारे में कुछ नहीं पता था| मैं नाहा-धो के तैयार हुआ..और चूँकि आज संडे था तो नेहा मेरे पास अपनी किताब लेके आ गई|

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